
मुझे लगता है जैसे पहले जब लैंडलाइन टेलीफोन हुआ करता था उसमें कुछ नियम व शर्तें लागू थे जैसे हर किसीको उसका कनेक्सन नहीं मिलता था अगर वजुद कारण न दिखा पाता हो ठिक उसी तरह आज भी हर किसीके पास स्मार्टफोन नहीं होना चाहिए जबतक वो उसका वजुद कारण न दिखा सकें। आसल में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के लिए भी पात्रता दिखाना पड़ेगा यह नियम व शर्तें होनी चाहिए। लेकिन जब टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल पुरी तरह से व्यवसायिक रूप दे दिया जाता है तब भला इसका इस्तेमाल पर कैसे रोक टोक किया जाए? हम अभी इतने भी समझदार नहीं है आंतरिक तौरपर, और हमें बहुत बड़ी ताकत मिल चुका है टेक्नोलोजी के रूप में फिर उसका उपयोग हम उसी तरह से कर रहे हैं जैसे बंदर के साथ पर तलवार आने पर करता है।




















