Braj mohanमैं भी जब डान्स देखता हूँ तों मुझे लगता है कि मुझे डांस सीखना चाहिए l
Talking Mirror
ब्रज मोहन जी, गौर करने वाली बात ये है कि पोस्ट में सवाल था, क्या मैं वो रूप सच में चाहता हूँ, या उसके ज़रिए दूसरों की नज़र में कुछ बनना चाहता हूँ। और आपके अंदर जो उठा, वो डांस देखकर डांस सीखने की इच्छा है, किसी और की नज़र का हिसाब नहीं। फ़ुट बाइंडिंग और डांस की चाह एक तराज़ू पर नहीं तुलते। एक दूसरे की स्वीकृति माँगता है, दूसरा बस हिलने माँगता है। तो असली सवाल ये नहीं कि डांस सीखना चाहिए या नहीं, सवाल ये है कि जब अगली बार डांस दिखे, तो सीखने की जगह फिर सिर्फ देखकर रह तो नहीं जाएँगे।


















