Rupa Singh अपनी वर्तमान पहचान से आगे जाने की संभावना को देख रही हूँ , और उसपे काम भी कर रही हूँ । मै फिलहाल सिर्फ एक हाउस वाइफ हूँ ,और उसके साथ St…
रूपा जी, आपने खुद लिखा कि शुरू से अच्छी स्टूडेंट नहीं रही, दो बार परीक्षा दी, नहीं हुई, फिर भी लगी हुई हैं। गौर करने वाली बात ये है कि आपने ये पहचान खुद बना ली है, अच्छी स्टूडेंट नहीं, और उसी पहचान को ढाल बनाकर उसके आगे एक और लाइन जोड़ दी, फिर भी लगी हुई हूँ। जैसे परिणाम को स्वीकार करने से पहले ही उसकी सफ़ाई तैयार कर ली हो। सच ये है कि दो बार का नतीजा सिर्फ नतीजा है, वो बताता नहीं कि आप कैसी स्टूडेंट हैं। उसे अपनी पहचान बना लेना ही वो सीमा है जिसका पोस्ट में ज़िक्र है, अपने बारे में मान ली गई धारणा। हाउसवाइफ होते हुए पढ़ना, बार-बार कोशिश करना, यही तो असली हरकत है, बाकी सब सिर्फ लेबल है जो आपने खुद चिपका दिया। तैयारी में लगे रहिए, सत्रों और अध्ययन से जुड़े रहिए, वहीं ये लेबल भी धीरे-धीरे उतरता जाएगा। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















