
29 अगस्त को गोवा में दो-दिवसीय Weekend With Master शिविर में आचार्य जी के साथ भगवद्गीता सत्र का आयोजन हुआ। यह सत्र सुबह की HIDP (Holistic Individual Development Program) ऐक्टिविटीज़ के बाद हुआ। इस सत्र में आचार्य जी ने बताया कि हम अक्सर मन को शांत करने की कोशिश में उसे और उलझा देते हैं, जबकि असली शांति किसी कोशिश से नहीं, बल्कि यह साफ़-साफ़ देख लेने से आती है कि हम आख़िर चाहते क्या हैं। उन्होंने कहा कि डर और लालच हमें लगातार इधर-उधर भटकाते रहते हैं, और जब तक हम इन्हें पहचान नहीं लेते, तब तक कोई भी बाहरी उपलब्धि हमें सुकून नहीं दे पाएगी। आचार्य जी ने यह भी समझाया कि ज़िंदगी में सही चुनाव करने के लिए ज़रूरी नहीं कि हर बार सही रास्ता आसान लगे- बल्कि अक्सर सही रास्ता वही होता है जो हमें अपने ही डर और आराम की आदतों से बाहर खींच ले जाए। देशभर से आए प्रतिभागियों ने इस सत्र में बड़े उत्साह से हिस्सा लिया। गोवा में सितंबर भर हर वीकेंड Weekend With Master शिविर होते रहेंगे। इसी कड़ी में 4-5 सितंबर को जन्माष्टमी महोत्सव और 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी उत्सव भी आयोजित होगा। अक्टूबर में आचार्य जी दिल्ली-एनसीआर लौटेंगे, जहाँ फिर कई Weekend With Master शिविर आयोजित होंगे। सत्र के वीडियोज़ आपके साथ जल्द ही साझा किए जाएँगे।




















