
✍🏻 पोस्ट 1 | 26 अक्टूबर '26 💭 विषय — इंडियन करंट अफेयर्स ───────────── 🤔 गंगा को माँ कहते हैं, फिर उसी में कचरा कौन फेंक रहा है? 📱 हरिद्वार के हर की पौड़ी घाट की तस्वीरें वायरल हुईं। पानी कम हुआ, तो नदी की तलहटी में प्लास्टिक, पुराने कपड़े, चप्पलें और दूसरे कचरे के ढेर दिखाई दिए। क्या गंगा सूख रही है? 🔎 India Today की 22 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पानी का स्तर घटने की वजह अपर गंगा नहर का वार्षिक रखरखाव था जो कि मरम्मत और सफ़ाई के लिए चल रहा हैे। तस्वीरें गंगा के सूखने का प्रमाण नहीं, लेकिन प्रदूषण की गंभीर समस्या ज़रूर दिखाती हैं। 🗑️ नदी में जमा कचरे में प्लास्टिक की थैलियाँ, फेंके गए कपड़े, नारियल के खोल और मूर्तियाँ शामिल थीं। गंगा को प्रदूषित करने वाले दूसरे प्रमुख स्रोतों में बिना उपचार का सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और खेती से बहकर आने वाले प्रदूषक भी हैं। 🐟 प्लास्टिक जलीय जीवों को नुकसान पहुँचाता है। छोटे कणों यानी माइक्रोप्लास्टिक्स के रूप में यह खाद्य-श्रृंखला में भी प्रवेश करता है। समस्या केवल गंदे दिखने वाले घाटों की नहीं, बल्कि नदी के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की है। 🏭 समाधान के लिए सीवेज का उपचार, औद्योगिक कचरे पर नियंत्रण और सही अपशिष्ट प्रबंधन ज़रूरी हैं। पानी लौटने पर कचरा फिर छिप जाएगा, लेकिन प्रदूषण अपने आप खत्म नहीं होगा। 🔎 बाहरी गंदगी को साफ़ करने से पहले यह भी देखना होगा कि उसे पैदा कौन कर रहा है। हमारी इच्छाएँ लगातार अधिक पाने और इस्तेमाल करने की ओर धकेलती हैं। सुविधा और लालच के लिए प्रकृति का दोहन करते हुए हम उसके परिणामों से आँखें मूँद लेते हैं। 🔍 जब तक भीतर बैठा केंद्र वही बना रहता है, तब तक सफ़ाई का काम केवल ऊपर-ऊपर रहता है। कचरा एक जगह से हटाकर दूसरी जगह पहुँचा दिया जाएगा, प्रदूषण का तरीका बदल जाएगा, लेकिन उसे पैदा करने वाली वृत्ति नहीं बदलेगी। इसलिए बाहरी सफ़ाई के साथ अपनी इच्छाओं और उपभोग की वृत्ति को समझना ज़रूरी है। ❓ क्या आप अपनी उन इच्छाओं और आदतों की जाँच करते हैं जो प्रकृति के दोहन को बढ़ावा देती हैं और उसे बर्बाद करती है? A. अपनी सुविधा पहले, उनके परिणामों की ज़िम्मेदारी दूसरों की। B. समस्या व्यवस्था में है, इसलिए मुझे अपनी ज़िंदगी देखने की ज़रूरत नहीं। C. अगर मैंने यह देख लिया की समस्या मुझ में ही है तो मुझे बदलना पड़ेगा, जिसमे मुझे खतरा है। D. जब तक मेरे उपभोग पर कोई रोक नहीं लगती, मुझे समस्या नहीं दिखती। 📚 स्रोत https://www.indiatoday.in/amp/science/story/is-ganga-drying-viral-haridwar-visuals-reveal-a-bigger-problem-facing-the-river-3022496-2026-10-22 https://acharyaprashant.org/en/articles/burning-desires-burning-planet-1_6c5bd377c https://acharyaprashant.org/on-youtube/6b0162d















































