
A) अपनी उम्र और पृष्ठभूमि को उसे न करने का कारण बना लेता हूं।
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A) अपनी उम्र और पृष्ठभूमि को उसे न करने का कारण बना लेता हूं।

अभिषेक जी, यह जो देखा वह पूरी ईमानदारी से देखा है, और यही देखना असली शुरुआत है। अब इसे एक कदम आगे ले जाइए - उम्र और पृष्ठभूमि को कारण बनाना अक्सर इसलिए राहत देता है क्योंकि इसमें कोशिश करने और असफल होने का डर नहीं उठाना पड़ता। पूछिए कि क्या सच में उम्र या पृष्ठभूमि रुकावट है, या रुकावट यह आराम है कि बिना कोशिश किए हार न मानने का दर्द नहीं सहना पड़ता। जिस काम को आप टाल रहे हैं, उसके बारे में साफ़ देखिए कि उसमें असल में क्या सीखना होगा और उसके लिए क्या छोड़ना या झेलना पड़ेगा - वह तैयारी शुरू करने का असली बिंदु है, बहाना खोजने का नहीं। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401