
9 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में Weekend With Master शिविर के दौरान एक दिलचस्प HIDP (Holistic Individual Development Program) ऐक्टिविटी हुई, जिसका नाम था 'दुविधा दर्पण'। यह अगस्त 2026 में दिल्ली-एनसीआर में आचार्य जी के आख़िरी सत्र थे, जिसके बाद वे गोवा के लिए रवाना हुए। इस ऐक्टिविटी में प्रतिभागियों को कुछ मूल्य-आधारित दुविधाओं वाले केस दिए गए, जिन्हें उन्हें पहले अभिनय के ज़रिए जीना था- बिना यह दिखाए कि आख़िर में सही फ़ैसला क्या होना चाहिए, और बिना किसी एक पक्ष को सही ठहराए। इसके बाद शुरू हुआ असली काम- सात चरणों में खुद के भीतर झाँकना। प्रतिभागियों ने देखा कि दुविधा में उन्हें असल में किस तरफ़ खिंचाव महसूस हो रहा है, और फिर पूछा कि क्या उनका ऊँचा-सा दिखने वाला तर्क कहीं किसी डर या चाह को तो नहीं छुपा रहा। सवाल यह भी था कि क्या वे सामने की परिस्थिति को सचमुच देख रहे हैं, या बस अपने मन-मुताबिक तर्क गढ़ रहे हैं। मक़सद किसी को हराना नहीं, बल्कि एक-दूसरे को अपने ही भीतर छुपे भय और चाह को पकड़ने में मदद करना था। गोवा में अगस्त और सितंबर भर हर वीकेंड Weekend With Master शिविर होते रहेंगे। इसी कड़ी में 4-5 सितंबर को दो-दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव और 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी उत्सव भी होगा। अक्टूबर में आचार्य जी दिल्ली-एनसीआर लौटेंगे, जब कई Weekend With Master शिविरों के साथ-साथ तीन-दिवसीय दशहरा महोत्सव भी आयोजित होगा। सभी एल्बम देखें: https://acharyaprashant.org/en/albums




















