बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
आचार्य प्रशांत
सत्य से सदा बचने की दौड़ || आचार्य प्रशांत (2014)
मंदिर- जहाँ का शब्द मौन में ले जाये || आचार्य प्रशांत, गुरु नानक पर (2014)
कर्त्तव्य की विदाई ही प्रेम का आगमन है || आचार्य प्रशांत, श्री अष्टावक्र पर (2014)
आध्यात्मिकता - व्यक्ति गौण, सत्य सर्वोपरि || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
संसारी कौन? जो संसार से पूर्णतया अज्ञानी हो॥ आचार्य प्रशांत, श्री अष्टावक्र पर (2014)