पुरुष और प्रकृति के बीच क्या रिश्ता है? || आचार्य प्रशांत (2016)
आचार्य प्रशांत
खुद को जानने की कोशिश तुम्हें खुद से दूर ही ले जायेगी || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2014)
ज्ञान न अज्ञान, न सुख न दुःख || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2014)
सारे धर्मों के त्याग के बाद क्या? || आचार्य प्रशांत, श्रीकृष्ण और श्री अष्टावक्र पर (2016)
पात्रता का क्या अर्थ है? || आचार्य प्रशांत (2014)
जहाँ दिखे वहाँ देखो, जहाँ न दिखे वहाँ भी देखो || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2014)
भुलाए बिना चैन न पाओगे || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता (2014)
जो मुझे जैसा स्थान देता है, मैं भी उसे वैसा ही स्थान देता हूँ ||आचार्य प्रशांत,श्रीमद्भगवद्गीता पर
जगते में जागे नहीं सोते नहीं सोए, वही जाने कृष्ण को दूजा न कोय ||आचार्य प्रशांत, श्रीकृष्ण पर (2015)
अपनी बात तो तब करें जब कोई दूसरा नज़र आये || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2014)
प्रेम में तोहफ़े नहीं दिए जाते, स्वयं को दिया जाता है || आचार्य प्रशांत (2016)