🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #आचार्यप्रशांत #AcharyaPrashant #bhagavadgita #Science #foodsafety #economics #mumbai #inspection #consumerright #poverty वीडियो जानकारी: 16.08.2026, गोवा Title: आम आदमी की जान इतनी सस्ती? सड़ा खाना, नकली तेल, गंदा हवा-पानी… || आचार्य प्रशांत (2026) विवरण:- जब हम किसी इंसान के साथ शोषण या दुर्व्यवहार देखते हैं, तो अक्सर सवाल उठता है—इसे रोकने के लिए कानून क्यों नहीं है? लेकिन क्या केवल कानून बना देने से शोषण खत्म हो जाएगा? इस चर्चा में आचार्य प्रशांत बताते हैं कि समस्या केवल व्यवस्था या कानून की नहीं, बल्कि उस मूल्य-व्यवस्था की भी है जिसमें इंसान की कीमत उसके पास मौजूद चीज़ों से तय होने लगती है। जिसके पास पैसा और संपत्ति हैं, उसे बड़ा माना जाता है और जिसके पास नहीं हैं, उसका शोषण भी आसानी से स्वीकार कर लिया जाता है। बात आगे बढ़ती है कि यह साझा सोच शोषित और शोषण करने वाले—दोनों को कैसे बांधे रखती है। क्या केवल बाहरी नियम बदलने से यह मानसिकता बदलेगी, या बदलाव की शुरुआत कहीं और से करनी होगी? मुख्य विषय: * इंसान की कीमत किससे तय होती है? * शोषण और साझा मूल्य-व्यवस्था * कानून बनाम स्वयं की शिक्षा 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06 ~~ ~~~