🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #climatechange #globalwarming #deforestation #education #Kaziranga #Ecosensitivezone #Biodiversity #deforestation #mars वीडियो जानकारी: 03.12.2025, संत सरिता सत्र, बेंगलुरु विवरण:- क्या पृथ्वी पर जीवन को बर्बाद करने के बाद इंसान सचमुच किसी दूसरे ग्रह पर जाकर बच सकता है? मंगल पर बसने का सपना सुनने में जितना आकर्षक लगता है, क्या वह हमारी वर्तमान समस्याओं से बच निकलने का रास्ता है? इस वीडियो में आचार्य प्रशांत पृथ्वी, जलवायु संकट और दूसरे ग्रहों पर इंसानी बस्तियां बसाने की सोच पर बात करते हैं। चर्चा इस भ्रम को सामने लाती है कि मनुष्य और पृथ्वी दो अलग-अलग चीजें हैं, जबकि हमारा जीवन पूरी तरह उसी प्राकृतिक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। पृथ्वी पर बढ़ता उपभोग, जलवायु संकट और संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल जारी रखते हुए किसी दूसरे ग्रह पर जाने का सपना क्या हमारी वास्तविक समस्या से ध्यान भटकाता है? बात इस ओर भी जाती है कि दूसरे ग्रह पर जाने का सपना आम इंसान के लिए कितना वास्तविक है और किस तरह भविष्य की चमकदार कल्पनाएं हमें वर्तमान की गंभीर स्थिति से बेखबर कर सकती हैं। मुख्य विषय: मंगल पर बसने का सपना और उसकी वास्तविकता जलवायु संकट से ध्यान भटकाने वाली कल्पनाएं मनुष्य और पृथ्वी का अविभाज्य संबंध संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~