🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #climatechange #globalwarming #nepalflood #violance #extremeweather वीडियो जानकारी: 24.05.2026, भगवद्गीता सत्र, ग्रेटर नोएडा विवरण:- उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ ने तबाही मचा दी है। लेकिन अगर जलवायु परिवर्तन गर्मी, बारिश, भोजन और हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को पहले ही प्रभावित कर रहा है, तो शहरी मध्यम वर्ग अब भी इसे किसी और की समस्या क्यों मानता है? एसी, कार, आरामदायक घर और निजी सुविधाएँ हमें यह भ्रम दे सकती हैं कि हम बदलती जलवायु से खुद को बचा लेंगे। लेकिन जब गर्मी और नमी स्वस्थ इंसान के लिए भी जानलेवा हो सकती है, शहर अत्यधिक बारिश को संभाल नहीं पाते और बाढ़ के बाद सूखे का खतरा आता है, तब यह सुरक्षा कितने समय तक टिकेगी? चर्चा उन चीज़ों तक जाती है जिन्हें हम जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देखते ही नहीं—भोजन की कीमत और पोषण, दफ़्तर आना-जाना, खेल, बिजली, सामान पहुँचाने वाले कामगार और यहाँ तक कि नदियों का भविष्य। अगर मध्यम वर्ग का आराम भी उन्हीं व्यवस्थाओं पर टिका है जो जलवायु संकट से प्रभावित हो रही हैं, तो क्या अपने लिए एक “निजी जलवायु” बना लेने का भरोसा सच में टिक सकता है? मुख्य विषय: जलवायु परिवर्तन और शहरी मध्यम वर्ग भीषण गर्मी, बाढ़ और खाद्य संकट निजी सुविधाओं से सुरक्षा का भ्रम ~~~~~~~~~~ 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06&nd=1&dlsi=0db8e0909301402f संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~