🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00104 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #आचार्यप्रशांत #InnerClarity #detachment #SaintVsMonk #RealSpiritualPath #अध्यात्म #spirituality वीडियो जानकारी: 23.10.2023, Gita Samagam, ग्रेटर नोएडा Title : संत की असली पहचान क्या है? || आचार्य प्रशांत (2023) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी कहते हैं कि साधु और संत में मूलभूत अंतर क्या है। साधु प्रायः किसी पंथ, परंपरा या निर्धारित अनुशासन के अंतर्गत चलते हैं, विशेष वस्त्र, उपवास, केश-लोचन जैसी विधियाँ उन्हीं अनुशासनों का हिस्सा होती हैं। दूसरी ओर, संत और ज्ञानी किसी बाहरी नियम से नहीं, बल्कि अपने आंतरिक बोध और प्रेम से संचालित होते हैं। संतों ने हमेशा बाहरी त्याग पर प्रश्न उठाए हैं, मन को बदले बिना कपड़ा, शरीर या व्यवहार बदलने का कोई वास्तविक लाभ नहीं। अनुशासन का उद्देश्य भी वही है, मन को इतना परिपक्व करना कि एक दिन अनुशासन की आवश्यकता ही समाप्त हो जाए। विधि उपयोगी हो सकती है, पर वह न इकलौती होती है, न अंतिम। यदि साधक जीवनभर विधि को पकड़े रखता है तो इसका अर्थ है कि विधि अपना काम ही नहीं कर पाई। बाहरी विधियाँ दिख जाती हैं, इसलिए भ्रम और पाखंड का डर भी रहता है; मन की शुद्धता अदृश्य है, इसलिए वही वास्तविक साधना है। अंततः अध्यात्म वहीं है जहाँ साधक विधियों से मुक्त होकर स्वाभाविक जागरूकता और प्रेम में स्थित हो जाता है। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06&nd=1&dlsi=0db8e0909301402f संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~