🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquir 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id6450050776 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles ➖➖➖➖➖➖ *वीडियो जानकारी:* 25.03.2026, AIIMS - रायपुर *Title:* स्त्रियों के यौनांगों और सेक्स को लेकर इतनी गालियाँ? || आचार्य प्रशांत (2026) *विवरण:-* स्त्रियों को लक्ष्य बनाकर दी जाने वाली गालियाँ आखिर समाज और पुरुषों की मानसिकता के बारे में क्या बताती हैं? AIIMS रायपुर में आचार्य प्रशांत बताते हैं कि ऐसी गालियाँ स्त्रियों के बारे में नहीं, बल्कि पुरुष की अपनी कामना, बेचैनी और स्त्री को एक इंसान के बजाय संपत्ति की तरह देखने की मानसिकता के बारे में बताती हैं। चर्चा में स्त्री के शरीर, यौनांगों, गाली, पितृसत्ता और स्त्री को संपदा मानने की ऐतिहासिक सोच के बीच संबंध को समझाया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि स्त्री के प्रति असहजता और अधिकार की भावना कैसे पुरुष के अपने जीवन में ही एक तरह का मानसिक बोझ बन जाती है। मुख्य विषय: • स्त्रियों को लेकर दी जाने वाली गालियों का मनोविज्ञान • स्त्री को संपत्ति मानने की मानसिकता • पुरुष की कामना और मानसिक बेचैनी • पितृसत्ता और स्त्री पर नियंत्रण • स्त्री के शरीर को लेकर सामाजिक धारणाएँ • स्त्री को दोषी मानने की प्रवृत्ति 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06