🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquir 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id6450050776 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles ➖➖➖➖➖➖ *वीडियो जानकारी:* 03.10.2026, भगवद् गीता सत्र *Title:* "32 की हो गईं, अब बाल-बच्चे देखो" - 36 में मेडल जीतकर दिया जवाब || आचार्य प्रशांत (2026) *विवरण:* इस संवाद में आचार्य प्रशांत बताते हैं कि चोट, हार और कमजोरी को दुख का कारण बनाने के बजाय, उन्हें अपनी ताक़त बढ़ाने का अवसर बनाया जा सकता है। वे समझाते हैं कि असली संघर्ष परिणाम पाने का नहीं, बल्कि लगातार अपनी कमजोरियों को दूर कर बेहतर बनने का है। साथ ही, वे महिलाओं पर समाज द्वारा थोपी गई सुंदरता, उम्र, सुरक्षा और परिवार से जुड़ी अपेक्षाओं पर सवाल उठाते हुए अपने जीवन को गरिमा और स्वतंत्रता के साथ जीने की बात करते हैं। *मुख्य विषय:* * कमजोरी को ताक़त में बदलना * संघर्ष और मेहनत का सही अर्थ * परिणाम से अधिक आत्म-विकास * महिलाओं पर सामाजिक अपेक्षाएँ * शारीरिक और मानसिक ताक़त * उम्र और विवाह को लेकर सामाजिक दबाव * अपनी पहचान और गरिमा के साथ जीना 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06 Music Credits: Milind Date ~