🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #climatechange #nepal #tibbet #nepalflood #disaster #emergency वीडियो जानकारी: 26.05.2024, संत सरिता, ग्रेटर नॉएडा विवरण:- नेपाल और तिब्बत में बाढ़ की तस्वीरें सामने हैं, लेकिन क्या यह सिर्फ एक अचानक आई प्राकृतिक आपदा है? अगर हिमालय की बर्फ तेजी से पिघलती रही, तो क्या बाढ़ के बाद आने वाला संकट इससे भी बड़ा हो सकता है? इस चर्चा में आचार्य प्रशांत ग्लेशियरों के पिघलने और उससे पैदा होने वाली बाढ़ के बाद संभावित सूखे की ओर ध्यान दिलाते हैं। बात हिमालय और तिब्बत से निकलने वाले जल, गंगा-यमुना जैसी नदियों और बदलते जलवायु संतुलन तक जाती है। चर्चा का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जलवायु संकट की जिम्मेदारी किस पर डाली जा रही है। आम आदमी से छोटी-छोटी चीजें कम करने को कहा जाता है, जबकि बड़े पैमाने पर उत्सर्जन और अत्यधिक उपभोग करने वालों पर सवाल कम उठते हैं। सेलिब्रिटी संस्कृति, बढ़ता कंजम्पशन और हमारी बनाई हुई ‘गुड लाइफ’ की परिभाषा को भी इसी संदर्भ में देखा गया है। मुख्य विषय: नेपाल-तिब्बत में बाढ़ और ग्लेशियर बाढ़ के बाद सूखे का खतरा जलवायु संकट की असली जिम्मेदारी संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~