🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #climatechange #nepal #tibbet #nepalflood #disaster #emergency वीडियो जानकारी: 15.06.2025, भगवद् गीता सत्र, ग्रेटर नोएडा विवरण:- नेपाल में आई बाढ़ क्या सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा है, या यह उस संकट की झलक है जिसकी ओर जलवायु परिवर्तन हमें तेजी से ले जा रहा है? इस चर्चा में आचार्य प्रशांत बताते हैं कि ग्लेशियरों के लगातार पिघलने से आज नदियों में पानी बना हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन आगे चलकर यही नदियाँ सूख सकती हैं। इसका असर केवल पानी तक सीमित नहीं रहेगा—खेती, भोजन, लोगों के विस्थापन और पूरी सभ्यता पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। बात सिंधु घाटी और चोल साम्राज्य जैसी सभ्यताओं से लेकर आज की फल-सब्जियों और उन्हें परागित करने वाले छोटे-छोटे जीवों तक जाती है। जलवायु बदलने पर प्रकृति की एक व्यवस्था नहीं, बल्कि उससे जुड़ी पूरी श्रृंखला प्रभावित होती है। मुख्य विषय: ग्लेशियर पिघलना और नदियों का भविष्य जलवायु परिवर्तन और सभ्यताओं का संकट प्रकृति से हमारा गहरा संबंध संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~