🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00104 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📄 AP फ्रेमवर्क आचार्य प्रशांत के दर्शन का पूरा विवरण 🔥 🔗 यहाँ पढ़ें: https://acharyaprashant.org/hi/ap-framework ➖➖➖➖➖➖. #AcharyaPrashant #आचार्यप्रशांत #jaati #जाति #caste #castesystem #varna #वर्ण #manusmriti #मनुस्मृति #rigveda #ऋग्वेद #geeta #गीता #dharma #धर्म #vedanta #वेदांत #hindusociety #हिंदूसमाज #socialreform #सामाजिकसुधार #endogamy #intercaste #indiansociety #bharat #भारत #history #इतिहास #spirituality #आध्यात्म वीडियो जानकारी: 19.10.2025, संत सरिता सत्र, ग्रेटर नोएडा Title: जाति कैसे धर्म बन गई - पूरी कहानी || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: आचार्य जी जाति व्यवस्था की ऐतिहासिक यात्रा का विश्लेषण करते हुए बताते हैं कि प्रारंभिक वैदिक साहित्य में वर्ण व्यवस्था तो थी, लेकिन जन्म आधारित कठोर जाति व्यवस्था नहीं थी। वे ऋग्वेद, गीता और धर्मसूत्रों के संदर्भ से समझाते हैं कि वर्ण का आधार मूलतः गुण, कर्म और आचरण था, न कि वंश या जन्म। आगे वे धर्मशास्त्रों, मनुस्मृति और पौराणिक परंपराओं के विकास के साथ हुए बदलावों की चर्चा करते हुए बताते हैं कि कैसे धीरे-धीरे सामाजिक विभाजन को धार्मिक मान्यता मिलने लगी और जाति व्यवस्था को धर्म का स्वरूप दे दिया गया। उनके अनुसार यही वह निर्णायक मोड़ था जिसके कारण जाति केवल सामाजिक व्यवस्था न रहकर आस्था, पाप-पुण्य और धार्मिक पहचान से जुड़ गई। वे एंडोगैमी, सामाजिक सीमाओं और समुदायों के भीतर विवाह की परंपरा को जाति व्यवस्था की स्थिरता का प्रमुख कारण बताते हैं। अंत में आचार्य जी कहते हैं कि जब तक समाज वेदांत की मूल आध्यात्मिक दृष्टि की ओर नहीं लौटेगा, तब तक जाति जैसी विभाजनकारी संरचनाओं से वास्तविक मुक्ति संभव नहीं होगी। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06&nd=1&dlsi=0db8e0909301402f संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~