🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें: https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00031 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00031 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #आचार्यप्रशांत #rakshabandhan #rakhi #rakhispecial #spirituality वीडियो जानकारी: 25.08.2026, Vedanta Samhita (English), Goa विवरण: आज के समय में रक्षाबंधन का वास्तविक अर्थ क्या है? क्या यह केवल भाई द्वारा बहन की रक्षा करने तक सीमित है, या ‘रक्षा’ की भावना का दायरा इससे कहीं व्यापक हो सकता है? आचार्य प्रशांत इस पर्व के गहरे अर्थ को सामने रखते हुए पूछते हैं—आज वास्तव में रक्षा की आवश्यकता किसे है? जैसे-जैसे महिलाएँ अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर हो रही हैं, वे एक अन्य असहाय अस्तित्व की ओर ध्यान दिलाते हैं—तेज़ी से विलुप्त होती गौरैया, जो शोषित प्रकृति और संकटग्रस्त पृथ्वी की प्रतीक है। यह संवाद रक्षाबंधन को केवल एक पारिवारिक रस्म से आगे ले जाकर उत्तरदायित्व के आह्वान में बदल देता है—प्रकृति, पृथ्वी और ईमानदारी, आत्मज्ञान एवं वास्तविक आध्यात्मिकता जैसे श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों की रक्षा का उत्तरदायित्व। रक्षा-सूत्र आज भी प्रासंगिक है, लेकिन हमें यह पहचानना होगा कि उसे बाँधने के लिए सही कलाई कौन-सी है। मुख्य विषय: रक्षाबंधन का गहरा अर्थ आज वास्तव में रक्षा की आवश्यकता किसे है? प्रकृति और पृथ्वी की रक्षा शक्ति, करुणा और उत्तरदायित्व कर्मकांड से आगे धर्म का वास्तविक अर्थ 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06&nd=1&dlsi=0db8e0909301402f संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~