मुंबई की पहली ही बारिश में 7000 करोड़ की नई एक्सप्रेसवे सुरंग ढह गई। और इसी बीच बड़े-बड़े अर्थशास्त्री 2070 की मुंबई के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की योजनाएँ बना रहे हैं। आचार्य प्रशांत एक सीधा सवाल रखते हैं: जिस शहर की तुम 2070 की प्लानिंग कर रहे हो, वो शहर बचेगा ही नहीं। समुद्र का स्तर 20 सेंटीमीटर चढ़ चुका है, हिमालय के ग्लेशियर पिघल रहे हैं, और भारत उन देशों में सबसे आगे है जिन पर सबसे बुरी गाज गिरने वाली है। फिर भी हमारी हर योजना बस एक शब्द के इर्द-गिर्द घूमती है — जीडीपी। ➖➖➖➖➖➖ 🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00099 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #climate #climatechange #carbonemissions #globalwarming #heat #temperature #heatwaves #greenhouse वीडियो जानकारी: 21.06.24, गीता समागम, ग्रेटर नॉएडा प्रसंग: 2070 में मुंबई बचेगी या नहीं? क्या भारत की जीडीपी-केंद्रित सोच हमें विलुप्त कर देगी? समुद्र का स्तर कितना बढ़ चुका है? क्लाइमेट क्राइसिस की सबसे बड़ी मार किन देशों पर पड़ेगी? क्या अर्बनाइज़ेशन समाधान है या मौत? क्लाइमेट चेंज का असली समाधान क्या है? ➖➖➖➖➖➖