🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #climatechange #egg #veganism #vegetarian #nobelprize वीडियो जानकारी: 23.07.2021, ग्रेटर नोएडा विवरण:- हम अपने खाने को सही ठहराने के लिए कितनी आसानी से तर्क ढूँढ लेते हैं? अंडा वेज है क्योंकि उससे चूजा नहीं निकलता, मांस खाने से विकास हुआ है, और मांसाहारी लोग नोबेल जीतते हैं—लेकिन क्या इन बातों को जोड़कर निकाला गया निष्कर्ष भी सही है? अंडे के पीछे मुर्गी के साथ होने वाली क्रूरता से लेकर मांस के लिए खर्च होने वाले अनाज और पानी तक, चर्चा उन तर्कों की परतें खोलती है जिनसे हम मांसाहार को सही साबित करते हैं। फिर सवाल आता है कि क्या मांस खाने और पश्चिमी देशों के विकास या नोबेल पुरस्कारों के बीच सचमुच कोई कारण-सम्बंध है? क्योंकि दो चीज़ें एक साथ दिखाई दें, तो क्या इसका मतलब यह है कि एक दूसरी की वजह है? कहीं हम आंकड़ों को समझने के बजाय अपनी सुविधा के हिसाब से उनका अर्थ तो नहीं निकाल रहे? मुख्य विषय: अंडा और उसके पीछे की हिंसा मांसाहार और संसाधनों की खपत मांस, विकास और नोबेल का भ्रम संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~