🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/en/join-live-sessions?cmId=m00036 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00036 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #kabirdas #संतकबीर #आचार्यप्रशांत #bhagavadgita #spirituality वीडियो जानकारी: 22.09.24, संत सरिता, ग्रेटर नोएडा Title: अपनी ही छवि को भगवान बनाकर उसकी पूजा कर रहे हो? ॥ आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024) विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत संत कबीर की निर्गुण भक्ति पर प्रकाश डालते हैं और भक्ति में छुपे हुए अहंकार के छल को उजागर करते हैं। वह बताते हैं कि कैसे अधिकतर लोग अपने ही सद्गुणों को बढ़ाकर एक काल्पनिक "ईश्वर" रच लेते हैं और उसी की पूजा करते हैं, जिससे सच्ची भक्ति का उद्देश्य ही खत्म हो जाता है। भक्ति का मूल भाव है – “मैं मिटूं, तू बचे”, लेकिन जब भक्त अपने अहंकार को ही ईश्वर बना लेता है, तो वह भक्ति नहीं बल्कि स्वयं -पूजा बन जाती है। यह वीडियो भक्ति, आत्मज्ञान, और अध्यात्म के वास्तविक स्वरूप को समझने के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि सच्ची भक्ति तभी शुरू होती है जब आराध्य और भक्त में कोई समानता न रहे। अगर ईश्वर को अपने जैसा बना दिया जाए, तो न भक्ति रह जाती है और न ही आध्यात्मिक यात्रा। इस ज्ञानपूर्ण चर्चा में जानिए कैसे "थोड़ी भक्ति, बहुत अहंकार" आज के समय की सबसे बड़ी विडंबना बन चुकी है। ➖➖➖➖➖➖ 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFwe... संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~