
कबीर साहब के दोहे हम से इशारों में बात करते हैं। दोहे का अर्थ बहुत सूक्ष्म होता है और जहांँ अर्थ हम ने स्थूल कर दिया वहांँ फिर रस नहीं रह जाता है। हम पैदा एक जीव की तरह होते हैं और हमारा रिश्ता मांस के चलाए चलता है। मांस माने देह और देह माने संसार। कबीर साहब हम से लगातार सवाल पूछते हैं कि तुम्हारा और मांस का रिश्ता क्या है? दूसरे शब्दों में वो इस बात पर ज़ोर दे रहे है कि तुम्हारा और संसार का रिश्ता क्या है? स्थूल या सूक्ष्म रूप से हम संसार को हर पल किसी न किसी रूप में भोग रहे होते हैं।
इस पाठ्यक्रम के कुछ चुनिन्दा दोहे को आचार्य प्रशांत के माध्यम से सरल भाषा में समझाया गया है। जीवन को एक नई दिशा दीजिए आचार्य प्रशांत के साथ, कबीर साहब के दोहे पर आधारित इस सरल कोर्स में।
आप जिस उत्तर की तलाश कर रहे हैं वह नहीं मिल रहा है? कृपया हमारी सपोर्ट टीम से संपर्क करें।
वीडियो श्रृंखला के सभी वीडियो-सत्र सिर्फ़ इस प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं। (कुछ वीडियो के कुछ हिस्से किन्हीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकते हैं। हालाँकि, इनकी संरचना, परीक्षण और प्रक्रियाओं के साथ पूरा पाठ्यक्रम इस प्लेटफॉर्म के अलावा कहीं और उपलब्ध नहीं है।)
यहाँ उपलब्ध सभी वीडियो श्रृंखला आचार्य जी के पहले से रिकॉर्डेड वीडियो का संकलन है। यह कोई लाइव वीडियो नहीं हैं इसलिए आप इन वीडियो श्रृंखलाओं से कभी भी जुड़ सकते हैं और अपने हिसाब से इनके वीडियो-सत्र देख सकते हैं।
वीडियो श्रृंखला की न्यूनतम सहयोग राशि संस्था के न्यूनतम आर्थिक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए रखी गयी है।
संस्था जिस जन-जागरण आन्दोलन के साथ आगे बढ़ रही है, वो मूलतः व्यक्तिगत और सामाजिक सुधार के लिए है। इसलिए व्यापक स्तर पर बदलाव लाने के लिए संस्था को अधिक संसाधनों की आवश्यकता है। आपके द्वारा किया जाने वाला योगदान समाजिक उत्थान के रूप में वापिस आप तक ही पहुँचता है। इसलिए अधिक योगदान कर संस्था को बल दें जिससे वह आपकी और सहायता कर सके।
जब आप किसी वीडियो श्रृंखला में एनरोल करते हैं, तो आप उस श्रृंखला को आजीवन देख सकते हैं।
हाँ, आप वीडियो श्रृंखला का कोई भी वीडियो सत्र कितनी भी बार देख सकते हैं। वीडियो सत्र को बीच में रोकने, पीछे जाने, या आगे बढ़ने की सुविधा भी उपलब्ध है।
यह हमारे लिए बहुत प्रसन्नता की बात है कि इस वीडियो श्रृंखला से आपकी सहायता हुई और अब आप संस्था की मदद करना चाहते हैं। सबसे पहले हम आपसे निवेदन करेंगे कि आप अपना पूरा अनुभव हमारे साथ [email protected] पर साझा करें। ऐसा करने के बाद आप 'शेयर' बटन का उपयोग कर इस वीडियो श्रृंखला के विषय में अपने मित्रों को बता सकते हैं, या संस्था को यहाँ जाकर अनुदान भी कर सकते हैं।