
बुल्लेशाह एक महान सूफी संत थे। बुल्लेशाह के गीतों में बेपरवाही होती है, मस्ती होती है और जिंदगी होती है। हमारी आम घिसी पिटी जिंदगी को बुल्लेशाह मज़ाक में उड़ा देते हैं और वहीं दूसरी तरफ हमसे यह सवाल भी करते हैं कि
तुम कैसे अपनी जिंदगी इतनी उदासी में काट सकते हो?
तुम क्यों इतना बोझिल हो के जीते हो?
क्यों इतनी चिंता में घिरे रहते हो?
फिर बुल्लेशाह खुद ही बताते हैं कि क्या करें कि मन की इन सब बीमारियों से तुरंत निजात मिल जाए।
आचार्य प्रशांत के संग इस कोर्स के माध्यम से हम जानेंगे की बुल्लेशाह हमसे क्या कहना चाहते हैं।
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