
पिछली तीन वीडियो सीरीज़ में आपने समझा : 1) माँ का वास्तविक अर्थ 2) माँ और बच्चे का पूर्ण विकास कैसे हो 3) माँ का स्वावलंबी होना क्यों जरूरी है।
इस वीडियो सीरीज़ के आखिरी पड़ाव पर हम आ चुके हैं। इस वीडियो सीरीज़ के माध्यम से हम यह समझेंगे कि किस प्रकार का मानसिक और सामाजिक दबाव माँ झेल रही होती है।
हमसे यह बात छुपी नहीं है कि किस प्रकार स्त्री को गर्भपात करने पर मजबूर किया जाता है। कहीं कहीं तो स्त्री को यह अधिकार भी नहीं होता कि वह कितने बच्चे पैदा करेगी। सिंगल पैरेंटिंग जैसे मुद्दे पर भी स्त्री सहमी सहमी सी रहती है। सिंगल पैरेंटिंग भी एक माँ के लिए समाज में बहुत लोक लाज की बात होती है।
सामाजिक दबाव और शर्म अवसाद और डर को जन्म जाता है। उसके बाद आत्महत्या का विचार और मानसिक रोग का चक्र चल पड़ता है। हम नहीं चाहते कि ऐसा हो इसलिए आचार्य प्रशांत ने खुलकर इस मुद्दे पर बात की है। देखें, सुनें, समझें और लोगों में साझा भी करें।
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