
आपसे कुछ सवाल:
कभी ऐसा हुआ है कि आप किसी को गणित के सूत्र समझा रहे हों और सामने वाला आपसे कुछ प्रश्न कर दे और आप निरुत्तर खड़े हों?
एक और सवाल:
बिना समझे कोई महंगा electronic item खोल दिया हो और उसको सुधारने के चक्कर में वह और बिगड़ गया हो?
अच्छा अंतिम सवाल:
दावा किया हो कि रास्ते का ज्ञान है, सब जानते हों लेकिन भटक गए हों?
पर हम यह सवाल आपसे क्यों कर रहे हैं। आखिर माँ के वीडियो सीरीज़ में electronic item, गणित के सूत्र और GPS वाले आत्मविश्वास का क्या काम?
क्योंकि इन तीन सवालों में एक बात साझा है और वो यह है कि– भरोसा था कि ज्ञान है लेकिन असलियत से रूबरू हुए तो पता चला अभी तो कुछ नहीं जानते।
और इन भूलों को तो फ़िर भी ठीक कर सकते हैं। उन भूलों का क्या जिसे ठीक करना लगभग नामुमकिन सा हो!
एक पल ठहर के सोचिए कि आप अभी माँ या बाप बनें हैं और अब आप स्वयं नहीं जानते कि उस छोटे से शिशु का क्या करें!
क्यों लाए हम उसे जीवन में?
कैसे सुनिश्चित करें कि जीवन कि शिक्षा आप उसे दे पाएंगे?
जब बड़ा होगा और आपसे सवाल पूछेगा तो क्या उसके उत्तर आप दे पाएंगे?
ध्यान रखिए, बच्चों के सवाल जटिल नहीं बल्कि मासूम होते हैं। बच्चों को बेहतर समझ सकें उसके लिए हमें बच्चों के साथ साथ स्वयं को भी तैयार करना होगा। यह वीडियो सीरीज़ आप और आपके बच्चे के पूर्ण विकास में मदद करेगी।
आप जिस उत्तर की तलाश कर रहे हैं वह नहीं मिल रहा है? कृपया हमारी सपोर्ट टीम से संपर्क करें।