
ज्ञान है इसका एक ही प्रमाण है— मुक्ति। अगर मुक्त नहीं है तो आप प्रतिपल अवसर को टाल रहे हैं। आखिर क्यों इतना डरते हैं हम? क्यों सही संगति से मुंँह फेर लेते हैं?
इस ज़ेन कहानी में भी टेकीसुई को मोक्ष प्राप्त हुआ। उसने ऐसा क्या ऐसा जान लिया की गुरु की एक फटकार से वो मुक्त हो गया? टेकिसुई के लिए गुरु सिर्फ़ प्रवचन मात्र के लिए गुरु नहीं थे, वे तो निरंतर गुरु के ध्यान में ही डूबे रहते थे।
ऐसा कोई अवसर हमें नहीं छोड़ना चाहिए जो हमें हमारे स्वभाव से अलग करे।
आचार्य प्रशांत के साथ हम जानेंगे ज़ेन कथाओं का मर्म इस सरल कोर्स में।
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