
आमतौर पर हम सोचते हैं कि हमारा शत्रु हमसे भिन्न होता है लेकिन जीसस बताते है कि जो जितना तुम्हारे जैसा है वही तुम्हारा शत्रु होगा। इसलिए शत्रु से प्रेम करो कि जिस चीज में वह परमात्मा को ढूंढ रहा है तुम भी बिल्कुल उसके ही तरह व्याकुल हो और तुम भी पत्थर से ही प्यास बुझाना चाहते हो। जब जान जाओ कि जैसे उसकी हालत खराब है वैसे ही तुम्हारी हालत खराब है तो फिर घृणा नहीं कर पाओगे।
जीसस ने दोस्त किसे बताया है? जीसस क्यों बोलते हैं कि शत्रुओं के लिए प्रार्थना करो?
कुछ ऐसे ही प्रश्नों के उत्तर जानेंगे आचार्य प्रशांत संग इस सरल कोर्स में।
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