
क्या कह रहे हैं बुल्लेशाह? बुल्लेशाह कह रहे हैं कि कुछ भी अगर ऐसा धारण करोगे जो अपना रूप बदल सकता है, जो अपनी पहचान, अपना नाम बदल सकता है। कुछ भी अगर ऐसा पकड़ लिया जिसके बदलने की संभावना है तो वो यथार्थ हो कर रहेगी।
तो फिर ऐसा क्या पकड़ें जो कभी न बदलता हो?
क्या उसको पकड़ेंगे जो हमें बेहतर से बेहतर बना दे या फिर उसको जो हमें नीचे गिरा दे?
अगर बेहतर बनना है तो चुनाव भी बेहतर होना चाहिए तभी जीवन में रोशनी आती है। आचार्य प्रशांत संग हम जानेंगे कि बुल्लेशाह की काफी हमसे क्या कहना चाहती है।
आप जिस उत्तर की तलाश कर रहे हैं वह नहीं मिल रहा है? कृपया हमारी सपोर्ट टीम से संपर्क करें।
वीडियो श्रृंखला के सभी वीडियो-सत्र सिर्फ़ इस प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं। (कुछ वीडियो के कुछ हिस्से किन्हीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकते हैं। हालाँकि, इनकी संरचना, परीक्षण और प्रक्रियाओं के साथ पूरा पाठ्यक्रम इस प्लेटफॉर्म के अलावा कहीं और उपलब्ध नहीं है।)
यहाँ उपलब्ध सभी वीडियो श्रृंखला आचार्य जी के पहले से रिकॉर्डेड वीडियो का संकलन है। यह कोई लाइव वीडियो नहीं हैं इसलिए आप इन वीडियो श्रृंखलाओं से कभी भी जुड़ सकते हैं और अपने हिसाब से इनके वीडियो-सत्र देख सकते हैं।
वीडियो श्रृंखला की न्यूनतम सहयोग राशि संस्था के न्यूनतम आर्थिक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए रखी गयी है।
संस्था जिस जन-जागरण आन्दोलन के साथ आगे बढ़ रही है, वो मूलतः व्यक्तिगत और सामाजिक सुधार के लिए है। इसलिए व्यापक स्तर पर बदलाव लाने के लिए संस्था को अधिक संसाधनों की आवश्यकता है। आपके द्वारा किया जाने वाला योगदान समाजिक उत्थान के रूप में वापिस आप तक ही पहुँचता है। इसलिए अधिक योगदान कर संस्था को बल दें जिससे वह आपकी और सहायता कर सके।
जब आप किसी वीडियो श्रृंखला में एनरोल करते हैं, तो आप उस श्रृंखला को आजीवन देख सकते हैं।
हाँ, आप वीडियो श्रृंखला का कोई भी वीडियो सत्र कितनी भी बार देख सकते हैं। वीडियो सत्र को बीच में रोकने, पीछे जाने, या आगे बढ़ने की सुविधा भी उपलब्ध है।
यह हमारे लिए बहुत प्रसन्नता की बात है कि इस वीडियो श्रृंखला से आपकी सहायता हुई और अब आप संस्था की मदद करना चाहते हैं। सबसे पहले हम आपसे निवेदन करेंगे कि आप अपना पूरा अनुभव हमारे साथ [email protected] पर साझा करें। ऐसा करने के बाद आप 'शेयर' बटन का उपयोग कर इस वीडियो श्रृंखला के विषय में अपने मित्रों को बता सकते हैं, या संस्था को यहाँ जाकर अनुदान भी कर सकते हैं।