कैसी संगति में इश्क़ उतरता है?

Thumbnail
AP Name Logo
सूफ़ी संत रूमी के काव्य पर आधारित
पूरी श्रृंखला देखें
1 घंटा 31 मिनट
हिन्दी
विशिष्ट वीडियोज़
पठन सामग्री
आजीवन वैधता
सहयोग राशि: ₹70 ₹500
एनरोल करें
कार्ट में जोड़ें
रजिस्टर कर चुके हैं?
लॉगिन करें
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करें
वीडियो कोर्स को साझा करें
परिचय
लाभ
संरचना

पहली कड़ी में रूमी की बात आचार्य प्रशांत यूँ रखते हैं
“इश्क़ का मतलब होता है अपने आप को उससे जोड़ लेना, जो तुम्हें आसमान तक ले जा सके।”

यहीं से एक सवाल उठता है।
अब यह कैसे पता चले कि जिसकी संगति में हम हैं,
वह सच में जीवन को ऊँचाई दे रही है या नहीं?
क्या इसका कोई संकेत हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ठोस रूप में दिखाई भी देता है?

“ऐ दिल, मुबारक हो तुझे, आशिक़ों के दायरे में शामिल हो जाना।”

यह “आशिक़ों का दायरा” कोई कल्पना नहीं है ;यह उन लोगों की संगति है जिनका रुख़ ऊँचाई की ओर है। और उसका प्रभाव हमारे चुनावों में साफ़ उतरने लगता है; जीवन के हर पहलू में : व्यवहार में, शारीरिक स्वास्थ्य में, और सौंदर्य में भी।

इस वीडियो श्रृंखला में आचार्य प्रशांत रूमी के इश्क़ को हमारे रोज़मर्रा के जीवन में देखने का मौका देते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आप जिस उत्तर की तलाश कर रहे हैं वह नहीं मिल रहा है? कृपया हमारी सपोर्ट टीम से संपर्क करें।

कोई भी वीडियो श्रृंखला आचार्य प्रशांत के यूट्यूब वीडियो से कैसे अलग है?
क्या ये लाइव वीडियो हैं या इसमें पहले से रिकॉर्डेड वीडियो हैं?
वीडियो श्रृंखला के लिए सहयोग राशि क्यों रखी गयी है? यह निःशुल्क क्यों नहीं है?
सहयोग राशि से अधिक दान देने से मुझे क्या लाभ होगा?
वीडियो श्रृंखला की रजिस्ट्रेशन की प्रकिया के बाद मैं उसे कब तक देख सकता हूँ?
क्या वीडियो श्रृंखला के वीडियो को बार-बार देखने की सुविधा उपलब्ध है?
मुझे वीडियो श्रृंखला से बहुत लाभ हुआ, अब मैं संस्था की कैसे सहायता कर सकता हूँ?
130+ ईबुक्स ऍप में पढ़ें