दूसरों को जानना बुद्धिमानी, खुद को जानना उजाला है

Thumbnail
AP Name Logo
आदि शंकराचार्य कृत अपरोक्षानुभूति के मुख्य श्लोकों पर आधारित
पूरी श्रृंखला देखें
2 घंटे 43 मिनट
हिन्दी
विशिष्ट वीडियोज़
पठन सामग्री
आजीवन वैधता
सहयोग राशि: ₹149 ₹500
एनरोल करें
कार्ट में जोड़ें
रजिस्टर कर चुके हैं?
लॉगिन करें
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करें
वीडियो कोर्स को साझा करें
परिचय
लाभ
संरचना

जीवन हमें किस लिए मिला है?
क्या करना है इस बचे हुए जीवन का?
हम हर पल स्वयं को संसार से घिरा हुआ पाते हैं और सोचते हैं कि बाहरी कोई वस्तु हमें सुख दे देगी। अध्यात्म में साफ़–साफ़ देख लेना होता है कि मेरे स्वार्थों की पूर्ति भी मुझे शांति नहीं दे पा रही है।

शांति इसलिए नहीं मिलती क्योंकि संसार की प्रभुता यानि आकर्षण, मन पर हर समय हावी रहता है। और यही आकर्षण का विषय, मन का भगवान हो जाता है। लेकिन जिन्होंने इस आकर्षण को जाना समझा, वे आकर्षण के पार निकल गए और संसार से सही रिश्ता रखना सीख गए।

वैसे तो यह ग्रंथ हज़ारों वर्ष पुराना है परन्तु आचार्य प्रशांत द्वारा की गई व्याख्या इसको आज की पीढ़ी के लिए अत्यंत सरल व प्रासंगिक बना देती है। अपरोक्षानुभूति के प्रकाश में अपने जीवन को एक नई दिशा दीजिए, आचार्य प्रशांत के साथ इस सरल कोर्स में।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आप जिस उत्तर की तलाश कर रहे हैं वह नहीं मिल रहा है? कृपया हमारी सपोर्ट टीम से संपर्क करें।

कोई भी वीडियो श्रृंखला आचार्य प्रशांत के यूट्यूब वीडियो से कैसे अलग है?
क्या ये लाइव वीडियो हैं या इसमें पहले से रिकॉर्डेड वीडियो हैं?
वीडियो श्रृंखला के लिए सहयोग राशि क्यों रखी गयी है? यह निःशुल्क क्यों नहीं है?
सहयोग राशि से अधिक दान देने से मुझे क्या लाभ होगा?
वीडियो श्रृंखला की रजिस्ट्रेशन की प्रकिया के बाद मैं उसे कब तक देख सकता हूँ?
क्या वीडियो श्रृंखला के वीडियो को बार-बार देखने की सुविधा उपलब्ध है?
मुझे वीडियो श्रृंखला से बहुत लाभ हुआ, अब मैं संस्था की कैसे सहायता कर सकता हूँ?
130+ ईबुक्स ऍप में पढ़ें