
जीवन में कई मोड़ ऐसे आते हैं जहांँ हमें महत्वपूर्ण फैसले लेने होते हैं और मन में एक द्वंद लगातार चलता रहता है कि
क्या पकड़ें या क्या छोड़ें?
पसंद नापसंद में सही चुनाव कैसे करें?
कैसे जानें कि हमारे निर्णय सही हैं?
इस तरह के सवाल हमें परेशान करते हैं और दुविधा में डाल देते हैं। देखिए, जीवन का चक्र तो लगातार चल रहा है। यह चक्र कुचक्र न बने इसलिए प्रतिपल सही चुनाव हमें सही जीवन तक ले जाता है। आपका हर एक सही चुनाव, आपके लिए जीवन के द्वार खोलता है।
वैसे तो यह ग्रंथ हज़ारों वर्ष पुराना है परन्तु आचार्य प्रशांत द्वारा की गई व्याख्या इसको आज की पीढ़ी के लिए अत्यंत सरल व प्रासंगिक बना देती है। अपरोक्षानुभूति के प्रकाश में अपने जीवन को एक नई दिशा दीजिए आचार्य प्रशांत के साथ इस सरल कोर्स में।
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