Acharya Prashant (AP) Books | देवी: बंधन भी, मुक्ति भी | Devi: Bandhan bhi, mukti bhi [New Release]
देवी: बंधन भी, मुक्ति भी | Devi: Bandhan bhi, mukti bhi [New Release]
Zine
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Paperback Details
HindiLanguage
12Print Length
Description
यह नवरात्रि विशेष पत्रिका 12 सचित्र पैनलों के माध्यम से देवी के मर्म पर आचार्य प्रशांत की शिक्षाओं को सरल और संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करती है।
❓ ज़ीन क्या होती है? ज़ीन एक छोटी, हाथ में आने वाली, चित्रों से सजी पत्रिका होती है। इसमें लंबे-लंबे लेखों की जगह कम शब्दों में, सुंदर चित्रों के साथ गहरी बात कही जाती है। यानी कम समय में, आसानी से, और आनंद के साथ पढ़ना।
✨ क्यों पढ़ें और क्यों बाँटें?
🎁 उपहार के लिए उत्तम: इस नवरात्रि अपनों को मिठाई के साथ कुछ ऐसा दीजिए जो मन में उतर जाए।
👧 बच्चों के लिए आदर्श: सरल भाषा और आकर्षक चित्र बच्चों को पढ़ने से जोड़ते हैं, और वे खेल-खेल में देवी का सही अर्थ समझ पाते हैं।
🔥 देवी का वास्तविक अर्थ फैलाने का सशक्त माध्यम: देवी कामनापूर्ति की नहीं, मुक्ति की प्रतीक हैं। इस ज़ीन को आगे बढ़ाइए, ताकि यह बात हर घर तक पहुँचे।