हम महिलाएं जीवन भर स्त्री देह मे ही जीती है और इस देह संबंधित लोकधर्म को निभाते रहते हैं।इसी अंधविश्वास में उलझे रहते हैं। मै इस किताब को पढ़ी, लोकधर्म के पाखंड से परिचित हुई।ये महज एक किताब नहीं,उड़ने के लिए पंख है।