
इतनी निडरता से कोई कैसे बिना कोई लाग लपेट के कोई भी विषय पर कैसे बोलता है ये निडरता और प्रेम इस समय में कहीं नहीं मिलेगा ये ऊर्जा जो सत्य के लिए अडिग है इतनी व्यवहारिक ओर सरल भाषा पहले कभी नहीं देखी ये तो कोई बिरला ही होगा जो आत्मस्थ है वो हैं आचार्य जी 🙏 धन्यवाद हे राम मुझे मुझ से बचा 🙏

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