
महात्मा बुद्ध की चर्चा तो अक्सर सुनता ही रहता था पर उनकी शिक्षाओं से पहला परिचय मैंने नवीं-दसवीं कक्षा में पाया, किताबों में बुद्ध की शिक्षाओं– मुख्यतः चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग का जिक्र तो बहुत होता है पर यह कभी नहीं समझाया जाता कि यह बात किसे कहीं जा रही है और क्यों कहीं जा रही है। एक बच्चे के आसपास का माहौल भी उससे ऐसी कोई बात करने का इच्छुक नहीं होता, 10वीं क्लास भी वह दौर होता है जब ...