
दो पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ

वेदांत व्यक्ति मात्र को संबोधित करता है। वेदांत खुदको देखने की दृष्टि पैदा करती हैं किसके लिए ?? जिज्ञासा करने को प्रेरित करता है। हनुमान चालीसा का अर्थ तो मुझे समाज से गलत अर्थ समझी थी लेकिन अब मुझे समझ आया कि भूत किसे किसे बोला गया भूत माने बीता हुआ समय अतीत । आचार्य जी 🪔🪔🪔 के वजह से विकृत अर्थों, मान्यता को काटने की कोशिश चल रही है 🙏🙏🙏