ज्ञान मस्ती (Gyan Masti)

ज्ञान मस्ती (Gyan Masti)

आचार्य प्रशांत की बच्चों के साथ गपशप
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Paperback Details
Hindi Language
88 Print Length
Description
8–18 वर्ष की आयु... एक युवा मन, जिज्ञासा से भरा हुआ —
जो सवालों के जवाब ढूंढ रहा है, और अपने लिए सही रास्ते तलाश रहा है।
यही वो समय है जब ज़िंदगी की असली नींव रखी जाती है।
इस वक़्त में किए गए चुनाव ही आगे चलकर जीवन को दिशा और आकार देंगे।

ऐसे मोड़ पर, प्रस्तुत किताब आपकी सबसे सच्ची दोस्त बन सकती है —
जो आपको उलझनों से बचाएगी और असली जीवन जीने की राह दिखाएगी।

युवाओं के दिल से निकले सवाल,
और आचार्य जी के इतने सरल और मज़ेदार जवाब,
कि पढ़ते ही आपको लगेगा –
"अरे! यह तो सीधे मेरे दिल की बात कह गए!"

कोई भारी भाषा नहीं, कोई उपदेश नहीं —
बस वही बातें, जो आज जानना ज़रूरी हैं।

पढ़ो, समझो… और अपनी मस्ती को ज्ञान से भरो!
Index
CH1
दुनिया कीचड़ है, तुम दाग मत लगने देना
CH2
कैसे जानें कि क्या ज़रूरी है?
CH3
मेरा मन एक जगह पर क्यों नहीं लगता?
CH4
हम खेलों में आगे कैसे बढ़ें?
CH5
मैं पशुओं की मदद कैसे करूँ?
CH6
तीन बातें जो मेरे पिता मुझे सिखा गए
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