
रात और चाँद” एक बेहद सुंदर और गहराई से भरी कविता संग्रह है, जिसे पढ़ते हुए एक अलग ही शांति और ठहराव का अनुभव होता है। इस किताब की कविताएँ केवल शब्दों का मेल नहीं हैं, बल्कि जीवन के गहरे अनुभवों और सच्चाइयों की झलक हैं। किताब को पढ़ते हुए मुझे ऐसा लगा जैसे हर कविता मुझे अपने भीतर झाँकने के लिए प्रेरित कर रही हो। इसकी भाषा बहुत सरल है, लेकिन हर पंक्ति में एक गहरा अर्थ छिपा है, जिसे समझने के लिए थोड़...

मगर अब — अब उसे मालूम है कि कविता घेराव में किसी बौखलाए हुए आदमी का संक्षिप्त एकालाप है। ~धूमिल✨🍁 मन शांत सब के सोने पर मेरा एकांत एक बार फिर वही आदिम नींद पलकों पर आए एक बार फिर वही इच्छा मन पर छाए कि सोऊँ ऐसे कि फिर जागूँ न जगाए । ~ आचार्य प्रशांत🌟🥀