
जिस “lover” को हम बाहर ढूँढते रहते हैं, वह असल में स्पष्टता, आत्म-ईमानदारी और भीतर के शोर से मुक्ति है। जब तक यह नहीं मिलती, हर रिश्ता प्यार नहीं, एक समझौता बनकर रह जाता है। आज Facebook की पोस्ट देखकर याद आया कि आज Valentine’s Day है , वरना सच कहूँ तो कभी याद ही नहीं रहा। 😅 On Valentine’s Day, when the world is busy proving love to others, this book asks a far more important question: “Have you...

❤️❤️❤️❤️❤️

सही कहा आप ने

जी बिल्कुल सही कहा आपने ✅🙏

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