इस पुस्तक को पढ़कर पता चला कि हम शरीर समाज संयोग से आगे बढ़कर एक ही बनाएं ढर्रों और स्क्रीप्ट पर चलना छोड़कर अपनी कहानी खुद लिखने का चुनाव कर सकते हैं।