
आचार्य जी से जुडने के बाद शरीर की स्थिति एक तथ्य के रूप में साफ़ साफ़ समझी। कैसे सभी इंसानों और यहाँ तक की जानवरों का शरीर भी एक सा है। ऑर्गन ट्रांसप्लांट टॉपिक से समझा कि कैसे बहुत से जानवरों के अंग मानव शरीर में भी लगाए जा चुके है। तो शरीर के हिसाब से सब एक ही है। तो चमड़े की कोई जाति नहीं होती। यस्तु ब्रह्मविद्यया ब्रह्मैव भवति — स ब्राह्मणः। जो आपको ब्रह्म में स्थापित करवा दे बस वहीं आपके ल...

नाइटी बाबा लोकधार्मिक है 😹 वो तो ये पढ़ के तिलमिला जाएगा 😹