
वारि जाऊँ मैं सतगुरु के किया मेरा भरम सब दूर! ये भजन हमेशा से मेरा बहुत प्रिय रहा है क्यूँकि इस भजन में मैं अपने और आचार्य जी के बीच का रिश्ता देखती हूँ। इस book ने मुझे मेरे वास्तविक सतगुरु से मिलाया है, और सबसे अच्छी बात है कि इस किताब को कहीं भी ले जा सकते हैं छोटी और बहुत प्यारी है।✨❤️