
ताओ ते चिंग – भाग 1” एक बेहद गहरी और चिंतनशील किताब है, जो जीवन को देखने का एक बिल्कुल अलग नजरिया देती है। इस किताब को पढ़ते हुए मुझे यह समझ आया कि हम जितना ज़्यादा चीज़ों को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं, उतना ही जीवन जटिल होता जाता है। इसके विपरीत, अगर हम प्रकृति के नियमों के अनुसार सहज रूप से जीना सीख लें, तो जीवन में शांति और संतुलन अपने आप आने लगता है। आचार्य प्रशांत ने इस पुस्तक में ताओ क...