
बहुत ही सही पुस्तक है" संघर्ष"पहले मैं सोचती थी कि संघर्ष तो बाहरी होता है आंतरिक संघर्ष कुछ पता ही नहीं था लेकिन जब से आचार्य जी की शिक्षा से में जुड़ी तो सबसे बड़ी बात यह पता चला कि पहले संघर्ष तो अपने ही खिलाफ होता है स्वयं के प्रति अपने विरुद्ध संघर्ष होता है फिर बाहर संघर्ष होता है।

संघर्ष अपने विरूद्ध 🔥