
आप ये नहीं कर सकते कि आप अध्यात्म से दूर भागते हो और आपके बच्चे सौंदर्य समझे, प्रेम समझे सत्य, समझे, बोध जाने ,करुणा जाने ,नहीं हो पाएगा।♥️♥️♥️ ये वैसे ही है जैसे आप कोई नशा करते हों और अपने बच्चे को नशा करते देख खुद को कोसने के साथ बच्चे को रोकने में विवश हों।