
झुन्नूलाल को पढ़कर आप झुन्नू नहीं रह जाओगे। समझ जाओगे कैसे समाज हमें गधे की गाजर दिखाकर गुलाम बनाए रखता है। हनुमान चालिसा आपने खुद गाया होगा, जयकारे लगाये होंगे लेकिन संत तुलसीदास जी हमें कहां ले जाना चाह रहे हैं इस बात पता तो आपको ये हनुमान चालिसा पढ़कर ही मिलेगा। इसमें आप जानेंगे हनुमान माने क्या ? राम माने क्या ? ऐसे अनेक रहस्य।