
डर पुस्तक ने मेरे डर के कारण को जानने में मदद की है। जो डरी-सहमी ज़िंदगी मैं जी रही थी कि कहीं कोई कुछ बोल न दे, कहीं मैं किसी का मन दुखी न कर दूँ, इसी डर मैं जी रही थी।
Is book ko buy kese kiya aapne?? Maine bhi kai bar try kar chuki lekin payment kese karna h order kha se kuchh ho hi ni rha h??