Acharya Prashant (AP) Books | शक्ति + शिवोहम् + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
शक्ति + शिवोहम् + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
दो पुस्तकों का कॉम्बो
Description
महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर ख़ास पाठकों के लिए दो पुस्तकों का कॉम्बो भारी छूट पर! शक्ति + शिवोहम् + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त] शिव और शक्ति के वास्तविक रूप के निकट आएँ।
शक्ति:
शिव सत्य और केंद्र हैं, जबकि शक्ति मन, संसार और जीवन की समस्त गतिशीलता का प्रतीक है। सत्य तक पहुँचने का हमारे लिए एकमात्र मार्ग संसार और शक्ति ही हैं।
जो संसार से किनारा कर लेते हैं, वे न केवल जीवन से बल्कि सत्य से भी दूर हो जाते हैं। शिव के अन्वेषण का एकमात्र मार्ग शक्ति है।
शिवोहम्:
शिव माने बोध। ऋभुगीता कहती है कि शिव प्रकाश रूप हैं। उस प्रकाश में अपनी हालत और अपनी ज़िंदगी को देखो। यही महाशिवरात्रि का पर्व है।
‘शिव’ किसी व्यक्ति या देवता का नाम नहीं, बल्कि मन के केंद्र, बोध और सत्य का प्रतीक हैं। शिव हमारे सब किस्सों का लक्ष्य हैं; उन्हें एक और किस्सा या देवता बना लेना उनके वास्तविक अर्थ को खो देना है।
शिव न देवता हैं, न भगवान् हैं, न ईश्वर हैं; सत्य मात्र हैं। अंतर करना सीखो!
This book helped me to distinguish between Lokdharmic bhakti of Shiv and real meaning of Shiv.
Shiv is not a physical entity; Shiv is my infinite possibility. The journey on which Ego will attain its lowest possible state