
आचार्य प्रशांत जी ने श्रीमद्भगवद्गीता के एक एक श्लोक को घंटो समझाया आम आदमी भी भाषा में वो भी वैज्ञानिक, तार्किकता के आधार पर। श्रीमद्भगवद्गीता मानव मन में, मानव देह में उठने वाली हर वृत्ति का इलाज़ है। वो केवल किसी विशेष धर्म के लोगों के लिए न होकर समस्त मानव के लिए उपयोगी है। गीता को उपनिषदों का सार भी कहते हैं।

I highly suggest jaka gala tumhi kathiho किताब aagar aapna na padhi ho to aap jarror padhe aur samje about veganism. Aur pasu pakshiyo par jo krurta ho rahi hai.